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निश्चंद्र

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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निश्चंद्र वि॰ [सं॰ निश्चन्द्र]

१. चद्रमारहित ।

२. जिसमें चमक न हो ।

निश्चंद्र अभ्रक संज्ञा पुं॰ [सं॰ निश्चन्द्र अभ्रक] वेद्यक में वह अभ्रक जो दूध, ग्वारपाठा, आदमी के मूत्र, बकरी के दूध आदि कई पदार्थो में मिलाकर और सो बार उनका पुट देकर तैयार किया जाता है । बिशेष—कहते हैं, यह पद्मराग के समान हो जाता है । यह वीर्यवर्धक, रसायन और ज्वरनाशक माना जाता है ।