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निश्चलाङ्ग

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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निश्चलांग ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ निश्चलाङ्ग]

१. बगुला ।

२. पर्वत आदि जो सदा निश्चल रहते हैं ।

निश्चलांग ^२ वि॰ जिसके अंग हिलते डोलते न हों ।