निसोथ
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]निसोथ संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ निसृता] एक प्रकार की लता जो प्राय: सारे भारत के जंगलों में और पहाड़ों पर ३००० फुट की ऊँचाई तक पाई जाती है । विशेष—इसके पत्ते गोल और नुकीले होते हैं और इसमें गोल फल लगते हैं । यह तीन प्रकार की होती है—सफेद, काली और लाल । सफेद निसोथ में सफेद रंग के, काली मे कालापन लिए बैगनी रंग के और लाल के फल कुछ लाल रंग के होते होते हैं । सफेद निसोथ के पत्ते और फल अपेक्षाकृत कुछ बड़े होते है और वैद्यक में वही अधिक गुणाकारी भी मानी जाती है । भारत में बहुत प्राचीन काल से वैद्य लोग इसका व्यवहार करते आए हैं और इसका जुलाब सबसे अच्छा समझते हैं । औषध के काम के लिये बाजार में इसकी जड़ तथा डंठलों के कठे हुए टुकड़े मिलते हैं । वैद्यक में इसे गरम, चरपरी, रूखी, रेचक और कफ, सूजन तथा उदर रोगों को दूर करनेवाली माना है । पर्या॰—त्रिवृत् । सूबहा । त्रिपुटा । त्रिभंडी । रेचनी । सरा । सहा । सरसा । रोचनी । मालविका । श्यामा । मसूरी । अर्धचंद्रा । विदला । सुषेणी । कालिंगिका । कालमेषी । काली । त्रिवेला । त्रिवृत्तिका । सारा । निसृता ।