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नीलस्वरूप

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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नीलस्वरूप संज्ञा पुं॰ [सं॰] एक वर्णवृत्त, जिसके प्रत्येक चरण में तीन भगण और दो गुरु अक्षर होते हैं । जैसे,—राउर के सम हैं वह बालौ । जीतति है दुतिवंत जहाँ लौ । जो गिरि दुर्गनि माहु बसै जू । जा भूज चंदन डार त्रसै जू ।—गुमान (शब्द॰) ।