नैगमनय
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]नैगमनय संज्ञा पुं॰ [सं॰] वह नय या तर्क जो द्रव्य और पर्याय दोनों को सामान्य-विशेष-युक्त मानता हो और कहता हो कि सामान्य के बिना विशेष, और विशेष के बिना सामान्य नहीं रह सकता (जैन) ।