पंक्यज
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]पंक्यज पु † संज्ञा पुं॰ [सं॰ पङ्कज] दे॰ 'पंकज' । उ॰—सिव सनकादिक नारदा, ब्रह्म लिया निज बास जी । कहैं कबीर पद पंक्यजा, अब नेड़ा चरण निवास जी ।—कबीर ग्रं॰ पृ॰ ९८ ।
पंक्यज पु † संज्ञा पुं॰ [सं॰ पङ्कज] दे॰ 'पंकज' । उ॰—सिव सनकादिक नारदा, ब्रह्म लिया निज बास जी । कहैं कबीर पद पंक्यजा, अब नेड़ा चरण निवास जी ।—कबीर ग्रं॰ पृ॰ ९८ ।