पंडितराज
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]पंडितराज संज्ञा पुं॰ [सं॰ पण्डितराज]
१. प्रकांड विद्वान् । बहुत बड़ा पंडित ।
२. संस्कृत के प्रसिद्ध ग्रंथ 'रसगंगाधर' के रचयिता विद्वान् जगन्नाथ की उपाधि [को॰] ।
पंडितराज संज्ञा पुं॰ [सं॰ पण्डितराज]
१. प्रकांड विद्वान् । बहुत बड़ा पंडित ।
२. संस्कृत के प्रसिद्ध ग्रंथ 'रसगंगाधर' के रचयिता विद्वान् जगन्नाथ की उपाधि [को॰] ।