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पइया

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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पइया संज्ञा पुं॰ [देश॰] वह धान जिसके दाने नष्ट हो जाते हैं, पर छिलका जैसे का तैसा रहता है । खोलना धान । कीड़े से खाया हुआ बेकार धान । उ॰— पइया करम ध्यान सों फटको जोग जुक्ति करि सूपे ।—भीखा श॰, पृ॰ २० ।