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पखापखी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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पखापखी पु संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ पक्षापक्षि ?] निरंतर किसी न किसी एक पक्ष के स्वीकरण की स्थिति या क्रिया । उ॰—दादू पखा- पखी संसार सब निरपख बिरला कोई ।—दादू॰ पृ॰ ३१९ ।