सामग्री पर जाएँ

पगर

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

पगर पु † संज्ञा पुं॰ [हिं॰ पग + रा (प्रत्य॰)] पग । डग । कदम । उ॰—सूर सनेह ग्वारि मन अटको छाँड़िहु दिए, परत नाहिं पगरो । परम मगन ह्वै रही चितै मुख सबही ते भाग याहि को अगरो ।—सूर (शब्द॰) ।