पगिआ
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]पगिआ पु † संज्ञा॰ स्त्री॰ [हिं॰ पाग + इया (प्रत्य॰)] दे॰ 'पगड़ी' । उ॰—जटा फटके लटके पगिया घट ना परचो रस रहत जो भीने ।—सं॰ दरिया, पृ॰ ६३ ।
पगिआ पु † संज्ञा॰ स्त्री॰ [हिं॰ पाग + इया (प्रत्य॰)] दे॰ 'पगड़ी' । उ॰—जटा फटके लटके पगिया घट ना परचो रस रहत जो भीने ।—सं॰ दरिया, पृ॰ ६३ ।