पचवना
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क्रिया
[सम्पादित करें]पचवना
- किसी को कोई बात, तर्क, स्थिति या अपमान स्वीकार करने या सहने के लिए मजबूर करना।
- भोजन, बात आदि को पचाने में सहायता देना या पचने योग्य बनाना (स्थानीय प्रयोग)।
- किसी को चुपचाप सहने पर विवश कर देना (आम बोलचाल में रूपक प्रयोग)।
उच्चारण
[सम्पादित करें](दिल्ली हिंदी) अ॰ध॰व॰/आई॰पी॰ए॰(कुंजी): /pə.t͡ʃəʋ.nɑː/, [pə.t͡ʃəʋ.n̪äː]
उदाहरण वाक्य
[सम्पादित करें]- उसने अपमान भी पचवाया और जवाब भी नहीं देने दिया।
- यह दवा खाना पचवाने में मदद करती है।
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]पचवना पु क्रि॰ स॰ [हिं॰ पचाना] दे॰ 'पचाना' । उ॰—बिस- खाय राय सो बीर जानि । पचवंत जहर जनु दूध पानि ।— पृ॰ रा॰, ६ ।७३ ।