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पचवना

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पचवना

  1. किसी को कोई बात, तर्क, स्थिति या अपमान स्वीकार करने या सहने के लिए मजबूर करना।
  2. भोजन, बात आदि को पचाने में सहायता देना या पचने योग्य बनाना (स्थानीय प्रयोग)।
  3. किसी को चुपचाप सहने पर विवश कर देना (आम बोलचाल में रूपक प्रयोग)।

(दिल्ली हिंदी) अ॰ध॰व॰/आई॰पी॰ए॰(कुंजी): /pə.t͡ʃəʋ.nɑː/, [pə.t͡ʃəʋ.n̪äː]

उदाहरण वाक्य

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  • उसने अपमान भी पचवाया और जवाब भी नहीं देने दिया।
  • यह दवा खाना पचवाने में मदद करती है।

प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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पचवना पु क्रि॰ स॰ [हिं॰ पचाना] दे॰ 'पचाना' । उ॰—बिस- खाय राय सो बीर जानि । पचवंत जहर जनु दूध पानि ।— पृ॰ रा॰, ६ ।७३ ।