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पञ्चानन

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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पंचानन ^१ वि॰ [सं॰ पञ्चानन] जिसके पाँच मुँह हों । पंचमुखी ।

पंचानन ^२ संज्ञा पुं॰

१. शिव ।

२. सिंह । उ॰—सबै सेन अवसान मुक्कि लग्यो बर तामस । तब पंचानन हक्कि धक्कि चहुआना पामिस ।—पृ॰ रा॰ १७ । ८ । विशेष—(१) सिंह को पंचानन कहने का कारण लोग दो प्रकार से बतलाने हैं । कुछ लोग तो पाँच शब्द का अर्थ विस्तृत करके पंचानन का अर्थ 'चौड़े मुँहवाला' (पंचं विस्तृतं आननं यस्य) करते हैं । कुछ लोग चारों पंजों को जोड़कर पाँच मुँह गिना देते हैं । (२) विषय और अध्ययन की दृष्टि से सर्वोच्चता एवं गुरुत्व तथा श्रेष्ठता का बोध कराने के लिये इस शब्द का प्रयोग नाम आदि के साथ भी होता है । जैसे, न्यायपंचानन, तर्कपंचानन ।

३. संगीत में स्वरसाधन की एक प्रणाली । आरोही—सा रे ग म प । रे ग म प ध । ग म प ध नि म प ध नि सा । अवरोही—सा नि ध प म । नि ध प म ग । ध प म ग रे । प म ग रे सा ।

४. ज्योतिष में सिंह राशि (को॰) ।

५. वह रुद्राक्ष जिसमें पाँच रेखाएँ हों (को॰) ।