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पटवास

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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पटवास संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. वस्ञनिर्मित गृह । शिविर । तंबू ।

२. वह वस्तु या चूर्ण जिससे वस्ञ सुगंधित किया जाता । वे सुगंधियाँ या चूर्ण जिनसे कपड़ा वासित (सुगंधित) करने का काम लिया जाय । उ॰—जल थल फल फूल भूरि, अंबर पटवास धूरि, स्वच्छ यच्छ कर्दम हिय देवन अभिलाषे ।— केशव (शब्द॰) ।

३. लहँगा । साया ।