पटिया
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]पटिया † ^१ संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ पट्टिका]
१. पत्थर का प्रायः चौकोर और चौरस कटा हुआ टुकडा़ । जिसकी मोटाई लंबाई चौड़ाई के हिसाब से बहुत कम हो । चिपटा चौरस शिलाखंड । फलक । उ॰—जहाँ मणिजटित पटिया बिछी हैं यही माधवी कुंज हैं ।—शकुंतला, पृ॰ ११२ ।
२. काट का छोटा तख्ता ।
३. खाट या पलंग की पट्टी । पाटी ।
४. पटरी । फुटपाथ । उ॰—एक युवक पुल की लकडी़ से पटियी पर खडा़ पोस्ट आफिस की ओर मुख किए इस दृश्य को देख रहा था । पिंजरे॰, पृ॰ १९ ।
५. माँग । पट्टी । उ॰—समुझ की पटिया पारो सजनी चुटिया गुहौ सम्हार हो ।—कबीर श॰, भा॰ २, पृ॰ १३४ । क्रि॰ प्र॰—काढ़ना ।—पारना ।—सँवारना ।
५. हेंगा । पाटा ।
६. कंबल या टाट की एक पट्टी ।
७. लिखने की पट्टी । तख्ती ।
८. सँकरा और लंबा खेत ।
पटिया ^२ संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ पाटना + इया (प्रत्य॰)] चिपटे तले की बड़ी और ऊपर से पटी हुई नाव जो बंदरगाहों में जहाज से बोझ उतारने और चढा़ने के काम में आती है (लश॰) ।