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पटेवा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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पटेवा पु † संज्ञा पुं॰ [हिं॰] दे॰ 'पटवा' । उ॰—मोराहिरे अँगना पाकड़ी सुनु बालहिया । पटेवा आउस बास परम हरि बाल- हिया । पटेवा भइया हीत नीत सुन बालहिआ । चोलरि एक बिनि देहि परम हरी बालहिआ ।—विद्यापति, पृ॰ १५४ । विशेष—इस उदाहरण से ज्ञात होता है कि गहना गूँथने के साथ ये लोग वस्त्र (रेशमी) बुनने का व्यवसाय भी करते थे ।