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पडङ्ग

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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पडंग ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ षडङ्ग]

१. बेद के छह अंग—शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छद और ज्योतिष ।

२. शरीर के छह अवयव—दो पैर, दो हाथ, सिर और धड़ । तथा कुछ लोगों के मत से हृदय, शिर, शिखा, नेत्र, कवच तथा अस्त्र ।

३. गाय से प्राप्त होनेवाली पवित्र छह वस्तुएँ—गोमूत्र, गोबर, गोदुग्ध, गोधृत, गोदधि, गोरोचन (को॰) ।

४. छह वस्तुओं का समाहार (को॰) ।

५. छठा भाग । पष्ठांश (को॰) ।

६. छोटा गोखरू (को॰) ।