पड़पड़ाना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]पड़पड़ाना क्रि॰ अ॰ [अनु॰]
१. पड़पड़ शब्द होना ।
२. मिर्च, सोंठ आदि कड़वे पदार्थों के स्पर्श से जीभ पर जलन सी मालूम होना । अत्यंत कड़वे पदार्थ के भक्षण या स्पर्श से जीभ पर किंचित् दुःखद तीक्षण अनुमूति होना । चरपराना । जैसे,— तुमने ऐसी मिर्च खिलाई कि अब तक जीभ पड़पड़ा रही है ।