पण्टलि
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]पंटलि पु † संज्ञा पुं॰ [सं॰ पटल] आवरण । पद । उ॰—परगृह जाय न देखे चंचलि । गुरुमुखि त्यागे माया पंटलि ।— प्राण॰, पृ॰ ११ ।
पंटलि पु † संज्ञा पुं॰ [सं॰ पटल] आवरण । पद । उ॰—परगृह जाय न देखे चंचलि । गुरुमुखि त्यागे माया पंटलि ।— प्राण॰, पृ॰ ११ ।