पतार
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]पतार पु † संज्ञा पुं॰ [सं॰ पाताल]
१. दे॰ 'पाताल' । उ॰— विक्रय धसाँ पेम के बाराँ । सपनावति कहँ गएउ पताराँ ।—पदमावत, पृ॰ २७६ ।
२. जंगल । सधन वन । उ॰— निकसि ताड्डका बन ते रघुपति निरख्यो दूरि पहारा । ताके निकट मेघ इव मंडित देख्यो श्याम पतारा ।—रघुराज (शब्द॰) ।