पतौवा
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]पतौवा संज्ञा पुं॰ [हिं॰] दे॰ 'पतोआ' । उ॰—(क) जाने, बिनु जाने, कै रिसाने, केलि कबहुँक सिवहिं चढ़ाए ह्वै हैं बेल के पतौवा द्वै ।—तुलसी ग्रं॰, पृ॰ २२८ । (ख) झारिकै पतौवा गए बाहिर लै डारिबै के दाखी भीर भार, रहे बैठिये रसाल हैं ।—झक्तमाल (श्री॰), पृ॰ ४५८ ।