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पथरना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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पथरना ^१ क्रि॰ स॰ [हिं॰ पत्थर + ना (प्रत्य॰)] औजारों की पत्थर पर रगड़कर तेज करना ।

पथरना संज्ञा पुं॰ [देश॰ या सं॰ प्रस्तरण] बिछौना । शय्या उ॰— अंबर वोढ़न भूमि पथरना । समुझि देखि निश्चै करि मरना ।—सुंदर ग्र॰, भा॰ १, पु ३३५ ।