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पद्धटिका

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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पद्धटिका संज्ञा पुं॰ [सं॰] एक मातृक छंद जिसके प्रत्येक चरण में ११ मात्राएँ होती हैं और अंत में जगण होता हैं । जैसे,— श्री कृष्णचंद्र अरबिंद नैन । धरि अधर बजावत मधुर बैन । इसी को पद्धरि वा 'पज्भ्कटिका' भी कहते हैं ।