पनहा
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]पनहा ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ परिणाह (= विस्तार, चौड़ाई, आयाम)]
१. कपड़े या दीवार आदी की चौड़ाई ।
२. गूढ़ आशय या तात्पर्य । मर्म । भेद । जैसे,—तुम्हारी बात का पनहा मिले तब तो कोई जवाब दें ।
पनहा ^२ संज्ञा पुं॰ [सं॰ पण (= रुपया पैसा) + हार]
१. चोरी का पता लगानेवाला । उ॰—सीस चढ़े पनहा प्रकट कहैं, पुकारे नैन ।—बिहारी (शब्द॰) ।
२. वह पुरस्कार जो चुराई हुई वस्तु लौटा या दिला देने के लिये दिया जाय ।