पना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]पना संज्ञा पुं॰ [सं॰ प्रपानक या पानीय] आम, इमली आदि के रस से बनाया जानेवाला एक प्रकार का शरबत । पानक । प्रपानक । पन्ना । ड॰—पनं बहु जंबुअ अँबुअ मेलि । निचो- रिय दारिम दाख सुठोलि ।—पृ॰ रा॰, ६३ । १०६ । विशेष—पना कच्चे और पक्के दोनों प्रकार के फलों से तैयार किया जाता है । पक्के फल का रस या गूदा यों ही अलग कर दिया जाता हैं और कच्चे का गूदा अलग करने के पहले उसे भूना या उबाला जाता है । फिर उसको खुब मसलकर मीठ ा मिला देते हैं । लोंग, कपूर और कभी कभी नमक तथा लालमिर्च भी पन्ने में मिलाई जाती है और हींग, जीरे, आदि का बघार दिया जाता है । वैद्यक के अनुसार पना रुचिकारक, तत्काल बलबर्धक और इंद्रियों को तृप्ति देनेवाला है ।