पन्नी
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]पन्नी ^१ संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ पन्ना (= पत्रा)]
१. रागे या पीतल के कागज की तरह पतले पत्तर जिन्हें सौंदर्य और शोभा के लिये छोटे छोटे टुकड़ों में काटकर अन्य वस्तुओं पर चिपकाते है । यौ॰—पन्नीसाज ।—पन्नीसाजी ।
२. वह कागज या चमड़ा जिसपर सोने या चाँदी का लेप किया हुआ रहता है । सोने या चाँदी के पानी में रँगा हुआ कागज या चमड़ा । सुनहला या रुपहला कागज ।
पन्नी ^२ संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ पना] एक भोज्य पदार्थ । उ॰—पन्नी पूप पटकरी पापर पाक पिराक पनारी जी ।—रघुनाथ (शब्द॰) ।
पन्नी ^३ संज्ञा स्त्री॰ [देश॰]
१. बारुद की एक तौल जो आध सेर के बराबर होती है । उ॰—तफन तोप खानैं पुनि भूपा । गए लेख युग तोय अनूपा । रहै अठोरै पन्नी केरी । तिनहि सराहत भी नृप ढेरी ।—रघुराज (शब्द॰) ।
२. एक लंबी घास जिसे प्रायः छप्पर छाने के काम में लाते हैं ।
पन्नी ^४ संज्ञा पुं॰ [देश॰] पठानों की एक जाति ।