पपी
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]पपी † ^१ संज्ञा पुं॰ [देश॰] दे॰ 'पपीहा' । उ॰—ज्यों पपी की प्यास पीव रात भर रटी । अरी स्वाति बिना बुंद भोर भ्यान पौ फटी ।—तुरसी श॰, पृ॰ ५ ।
पपी ^२ संज्ञा पुं॰ [सं॰]
१. चंद्रमा ।
२. सूर्य [को॰] ।