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परचाना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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परचाना क्रि॰ स॰ [हिं॰ परचना] किसी से इतना अधिक लगाव पैदा करना कि उससे व्यवहार करने में कोई संकोच या खटका न रहे । हिलाना । मिलाना । आकर्षित करना । जैसे, बच्चे को परचाना, कृत्ता परचाना । संयो॰ क्रि॰—लेना ।

२. दो एक बार किसी के अनुकूल कोई बात करके या होने देकर उसको इस बात की ओर प्रवृत्त करना । धड़क खोलना । चसका लगाना । टेव डालना । जैसे,—इन्हें कुछ देकर पर- चाओ मत, नहीं तो बराबर तंग करते रहेंगे । संयो॰ क्रि॰—देना ।

परचाना पु ^२ क्रि॰ स॰ [सं॰ प्रज्वलन] प्रज्वलित करना । जलाना । उ॰—चिनगि जोति करसी ते भागै । परम तंतु परचावै लागै ।—जायसी (शब्द॰) ।