परतच्छ
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]परतच्छ पु वि॰ [सं॰ प्रत्यक्ष] दे॰ 'प्रत्यक्ष' । उ॰—अनूमान साछी रहित होत नहीं परमान । कह तुलसी परतच्छ जो सो कहु अमर को आन ।—स॰ सप्तक, पृ॰ ४० ।
परतच्छ पु वि॰ [सं॰ प्रत्यक्ष] दे॰ 'प्रत्यक्ष' । उ॰—अनूमान साछी रहित होत नहीं परमान । कह तुलसी परतच्छ जो सो कहु अमर को आन ।—स॰ सप्तक, पृ॰ ४० ।