सामग्री पर जाएँ

परपञ्च

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

परपंच पु † संज्ञा पुं॰ [सं॰ प्रपञ्च] दे॰ 'प्रपंच' । उ॰—सुखदायक दूती चतुर करि परपंच बनाय । छरि जु निसातम सुबसु करि नवलहि दई मिलाय ।—स॰ सप्तक, पृ॰ २४० ।