परवस
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]परवस पु संज्ञा पुं॰, वि॰ [सं॰ परवश] दे॰ 'परवश' । उ॰—मन ही मन मुरझाय रहति हौं तन परबस गुरजन की घेरी ।— घनानंद, पृ॰ ४२८ ।
परवस पु संज्ञा पुं॰, वि॰ [सं॰ परवश] दे॰ 'परवश' । उ॰—मन ही मन मुरझाय रहति हौं तन परबस गुरजन की घेरी ।— घनानंद, पृ॰ ४२८ ।