परवृढ
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]परवृढ संज्ञा पुं॰ [सं॰ परिवृढ] स्वामी । सरदार । उ॰—नर नामन तें पति जुरे, परवृढ़ इन ईसान । भू भुज, धरनीकंत, विभु, नरपति, ईस सुजान ।—नंद, ग्रं॰, पृ॰ १०८ ।
परवृढ संज्ञा पुं॰ [सं॰ परिवृढ] स्वामी । सरदार । उ॰—नर नामन तें पति जुरे, परवृढ़ इन ईसान । भू भुज, धरनीकंत, विभु, नरपति, ईस सुजान ।—नंद, ग्रं॰, पृ॰ १०८ ।