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परावन

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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परावन ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ पलायन, हिं॰ पराना] एक साथ बहुत से लोगों का भागना । भगदड़ । भागड़ । पलायन । उ॰— (क) फिरत लोग जँह तहँ बिललाने । को है अपने कौन बिराने । ग्वाल गए जे धेनु चरावन । तिन्है परयौ बन माँझ परावन ।—सूर (शब्द॰) । (ख) जेहि न होइ रन सनमुख कोई । सुरपुर नितहिं परावन होई ।—तुलसी (शब्द॰) ।

परावन ^२ संज्ञा पुं॰ [हिं॰ पड़ना, पड़ाव] गाँव के लोगों का घर के बाहर डेरा डालकर पूजा और उत्सव करने की रीति । उ॰—भजे अँध्यारी रैनि मैं भयो मनोरथ काज । पूरे पूरब पून्य तें परयो परावन आज ।—मति॰ ग्रं॰, पृ॰ ४४८ ।