परिचै
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]परिचै † संज्ञा पुं॰ [सं॰ परिचय] दे॰ 'परिचय' । उ॰—जल जैसे तूँबा तिरै, परिचै पिंड जीव नहिं मरै ।—रै॰ बानी, पृ॰ २ ।
परिचै † संज्ञा पुं॰ [सं॰ परिचय] दे॰ 'परिचय' । उ॰—जल जैसे तूँबा तिरै, परिचै पिंड जीव नहिं मरै ।—रै॰ बानी, पृ॰ २ ।