परिठना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]परिठना पु † वि॰ [सं॰ परिस्धिति; प्रा॰ परिट्ठिअ; अथवा सं॰ प्रतिष्ठित; प्रा॰ परिट्ठिअ] पूर्णतः स्थित या स्थापित होना । उ॰—भुमुहाँ ऊपर सोहली परिठिउ जाँणि क चंग । ढोला एही मारूवी नव नेही नव रंग ।—ढोला॰, दू॰ ४६५ ।