परिया
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]परिया ^१ संज्ञा पुं॰ [तमिल परैयान्] दक्षिण भारत की एक प्राचीन जाति जो अस्पृश्य मानी जाती है । विशेष—इस जाति के लोग आधिकतर चौकीदारी, भंगी या मेहतर का काम अथवा शूद्ध किसान के खेत में मजदूरी करते हैं । स्वाभव से ये शांत, नम्र और परिश्रमी होते हैं । ये देवी के उपासक होते और अधिकतर पार्वती या काली की मूर्तियों की पूजा करते हैं । सामाजिक संबंध में ये बड़े रक्षणशील हैं; अपने से उच्च भिन्न जाति से भी किसी प्रकार का सामाजिक संबंध नहीं रखना चाहते । कई दक्षिणी राज्यों में इनको ब्राह्मणों के सामने से निकलने तक का निषेध है । कहते हैं, इनका सामना हो जाने से ब्राह्मण अपवित्र हो जाता है और उसे स्नान करना पड़ता है । जिस गाँव में ब्राह्मणों की बस्ती हो उसमें जाना भी परिया के लिये निषिद्ध है । परिया लोगों का कहना है कि हमारी उत्पत्ति ब्राह्मणी के गर्भ से है और हम ब्राह्मणों के बड़े भाई होते हैं । वेंकटाचार्य ने कुलशंकरमाला में लिखा है कि उर्वशी के पुत्र वशिष्ठ ने अरुंधती नाम की एक चांडाली से विवाह किया था । इस चांडाली के गर्भ से १०० पुत्र जन्मे । इनमें से पिता का आदेश मान लेनेवाले चार पुत्र तो चार वर्णों के मूल पुरूष हुए और पिता की आज्ञा की आवज्ञा करनेवाले ९६ पुत्रों को पंचमवर्ण या परिया की संज्ञा मिली ।
परिया ^२ संज्ञा स्त्री॰ [देश॰] ताना तानने की लकड़ियाँ (जुलाहा) ।