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परिवर्तिका

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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परिवर्तिका संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] लिंगेंद्रिय का एक क्षुद्र रोग । विशेष—अधिक खुजलाने, दबाने या चोट लगने के कारण इसमें लिंगचर्म उलटकर सूज जाता है । कभी कभी यह सूजन गाँठ की तरह हो जाती है और पक जाती है । यह रोग वायु के कोप से होता है । कफ अथवा पित्त का भी संबंध होने से त्वचा में क्रम से अधिक खुजली या जलन होती है ।