सामग्री पर जाएँ

परिव्रज्या

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

परिव्रज्या संज्ञा स्त्री॰ [सं॰]

१. इधर उधर भ्रमण ।

२. तपस्या ।

३. भिक्षुक की भाँति जिवन बिताना । लोहे की चूड़ी आदि धारण करना और सदा भ्रमण करते रहना । भिक्षुक वृत्ति से जीवन निर्वाह ।