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परिव्राज

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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परिव्राज संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. वह संन्यासी जो सदा भ्रमण करता रहे ।

२. संन्यासी । यती । परमहंस ।