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परिसमहन

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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परिसमहन संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. तृण आदि को आग मे झोंकना ।

२. यज्ञ को अग्नि में समिधा डालना ।

३. यज्ञादि में अग्नि के चारों ओर जलादि से मार्जन (को॰) ।

४. एकत्रीकरण । इकट्ठा करना (को॰) ।