परिस्त्राव
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]परिस्त्राव संज्ञा पुं॰ [सं॰]
१. सुश्रुत के अनुसार एक रोग जिसमें गुदा से पित्त और कफ मिला हुआ पतला मल निकलता रहता है । विशेष—कड़े कोठेवाले को मृदु विरेचन देने से जब उभरा हुआ सारा दोष शरीर के बाहर नहीं हो सकता तब वही दोष उपर्युक्त रीति से निकलने लगता है । दस्त में कुछ कुछ मरोड़ भी होता है । इससे अरुचि और सब अंगों में थकावट होती है । कहते हैं, यह रोग वैद्य अथवा रोगी की अज्ञता के कारण होता है ।
२. चूना । टपकना या बहना ।