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परिस्पंद

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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परिस्पंद संज्ञा पुं॰ [सं॰ परिस्पन्द] काँपने का भाव । कंप । कँप- कँपी ।—बहुत जल्दी जल्दी हिलना ।

२. दबाना । मर्दन ।

३. सजाव । सिंगार (को॰) ।

४. परिजन । परिवार । (को॰) ।

५. सेवक । अनुगामी । अनुचर वर्ग (को॰) ।

६. पुष्पादि द्बारा केश का श्रुंगार (को॰) ।