परिहरना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]परिहरना पु क्रि॰ स॰ [सं॰ परिहरण]
१. त्यागना । छोड़ना । तज देना । उ॰—(क) बिछुरत दीनदयाल, प्रिय तनु तृन इव परिहरेउ ।—तुलसी (शब्द॰) (ख) परिहरि सोच रहो तुम सोई । बिनु ओषधिहि व्याधि विधि खोई ।—तुलसी (शब्द॰) ।
२. छीन लेना ।
३. नष्ट करना । उ॰—का करिकै तुव सैन सत्रु को बल परिहरई ? —भारतेंदु ग्रं॰, भा॰, २, पृ॰ ६२३ ।