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परीषह

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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परीषह संज्ञा पुं॰ [सं॰] जैन शास्त्रों के अनुसार त्याग या सहन । विशेष—ये नीचे लिखे २२ प्रकार के हैं,—(१) क्षुधापरीषह् या क्षुत्परीषह । (२) पिपासापरीषह । (३) शीतपरीषह । (४) उष्णपरीषह । (५) दंशमशकपरीषह । (६) अचेल- परीषह या चेलपरीषह । (७) अरतिपरीषह । (८) स्त्रीपरीषह । (९) चर्यापरीषह । (१०) निषद्यापरीषह या नैषधिका परीषह । (११) शय्यापरीषह । (१२) आक्रोशप- रीषह । (१३) वधपरीषह । (१४) याचना परीषह वा यांचापरीषह । (१५) अलाभपरीषह । (१६) रोगपरीषह । (१७) तृणपरीषह । (१८) मलपरीषह । (१९) सत्कारप- रीषह । (२०) प्रज्ञापरीषह । (२१) अज्ञानपरीषह । (२२) दर्शनपरीषह या संपक्तपरीषह ।