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पाँयँचा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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पाँयँचा संज्ञा पुं॰ [फा़॰ पाँयँचह्]

१. पाखानों आदि में बना हुआ पैर रखने का वह स्थान जिसपर पैर रखकर शौच से निवृत्त होने के लिये बैठते हैं ।

२. पायजामें की मोहरी जिससे जाँघ से लेकर टखने तक का अंग ढका जाता है । मुहा॰—पाँयँचों के बाहर होना = दे॰ 'पाजामे के बाहर होना' ।