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पाँवरी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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पाँवरी ^१ संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ पाँव + ड़ा (प्रत्य॰)]

१. दे॰ 'पावँड़ी' ।

२. सोपान । सीढ़ी ।

३. पैर रखने का स्थान ।

४. जूता । पादुका । खड़ाऊँ । उ॰—भो रैदास नाम अस ताको । करै कर्म रचिबो जूता को । रचि पाँवरी संत कहँ देवै । संत चरण जल शिर धरि लेवै ।—रघुराज (शब्द॰) ।