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पागड़ा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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पागड़ा † संज्ञा पुं॰ [हिं॰ पग]

१. पैर । चजरण । उ॰—प्रबल सुर असुर जिण लगाया पागड़ै ।—रघु,॰ रु॰, पृ॰ ३१ ।

२. रिकाब । ऊँट या घोड़े की काठी का पावदान जिसपर पैर रखकर सवार होते हैं । उ॰—ढोलउ हल्लाणए करइ धण हल्लिवा न देह । झब झब झुबइ पागड़इ डबडब नयण भरेह ।—ढोला॰, दु॰ ७० ।