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पागना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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पागना ^१ क्रि॰ स॰ [सं॰ पाक] शोरे या किवाम में डुबाना । मीठी चाशनी में सामनना या लपेटना । उ॰—आखर अरथ मंजु मृदु मोदक राग प्रेम पाग पागिहै ।—तुलसी (शब्द॰) ।

पागना ^२ क्रि॰ अ॰ किसी विषय में अत्यंद अनुरक्त होना । डुबना । मग्न होना । तन्मय होना । उ॰—(क ) तब बसुपदेव देवकी निरखत परम प्रेम रस पागे ।—सुर (शब्द॰) । (ख) पिय पागे परोसिन के रस में बस में न कहुँ बस मेरे रहैं ।— पद्माकर (शब्द॰) ।