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पाछना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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पाछना क्रि॰ स॰ [हिं॰ पंछा] जंतु या पौधे के शरीर पर छुरी की धार इस प्रकार मारना कि वह दुर तक न धँसे और जिससे केवल ऊपर ऊपर का रक्त आदि निकल जाय । छुरा या नहरनी आदि से रक्त, पंछा या रस निकालने के लिये हल का चीरा लगाना । चीरना । उ॰—सुनि सुत बचन कहत कैकेई । मरमु पाछि जनु माहुर देई ।—तुलसी (शब्द॰) ।