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पाञ्चशाब्दिक

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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पांचशाब्दिक संज्ञा पुं॰ [सं॰ पाञ्चशाब्दिक]

१. करताल, ढोल, बीन, घंटा और भेरी आदि पाँच प्राकर के बाजे ।

२. पाँच प्रकार का संगीत जो स्कंद पुराण में अंगज, कर्मज, तंत्रज, कांस्यज और कूत्कृत कहा गया है (को॰) ।